WhatsApp Channel

Join Now

Telegram Channel

Join Now

तन्हा दिल, बेजान महफ़िल | Life mystique poem in hindi

By Nalin Kumar Thakur

Updated on:

Follow Us:
Life mystique poem in hindi

Life mystique poem in hindi: नमस्कार दोस्तों! poemswala के एक और ब्लॉग में आपका स्वागत है। एक बार फिर से हम जीवन के रहस्यों पर कविता लेकर आए हैं। कहते हैं कि Life has a strange way of balancing things. It gives you something yet at the same time it withholds something too. Why does it do so? Who knows? That’s the mystery of life. let’s read poem..

तन्हा दिल, बेजान महफ़िल | Life mystique poem in hindi 

आरज़ुओं का जलजला है,
तमन्नाओं का सैलाब है,
और जज़्बातों के तूफ़ान में घिरा,
तनहा ये दिल है.

यूँ तो सभी हैं यहाँ,
माहौल है, समाँ भी है,
पर उस मजमें में भी,
बेजान ये महफ़िल है.

कोई भी राह पकड़,
कहीं तो जाती होगी,
मत तिलमिला धूप से,
कभी तो शाम होगी.
जहाँ भी कदम रुके ,
तेरी वही मंजिल है.

कहाँ है चिराग़,
रौशन करो इस अंधेरे को,
कब खत्म होगी ये रात,
ढूँढ के लाओ सवेरे को.
वक़्त के इन्तज़ार में,
वक़्त कटे कैसे?
वक्त ही क़ातिल है.

जो ख्वाबों में मुक़म्मल थी,
वो जागने पर अधूरी क्यूँ है?
दूर क्षितिज़ पर आसमान,
मिल रहा है ज़मीन से,
पर यहाँ ये दूरी क्यूँ है?
समझना ये मुश्किल है.

-नलिन कुमार ठाकुर

उम्मीद है कि Life mystique poem in hindi  आपको पसंद आई होगी। अगर आप भी अपनी कविता या रचना हमारी साइट पर पोस्ट कराना चाहते हैं तो आप हमसे जुड़ सकते हैं। यहां क्लिक करके लिंक पर जाकर गूगल फॉम को भरें और इंतजार करें। आप हमारी दूसरी साइट Ratingswala.com को भी विजिट कर सकते है। वहां, मूवी, टेक खबरों के साथ साथ उसकी रिविव पढ़ने को मिलेंगे।

ये भी पढ़ें: नलिन कुमार ठाकुर की कविताएं | Nalin Kumar Thakur Poems | Hindi Kavita

Leave a Comment